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तेरी आँखें

कुछ सुर्ख सी कुछ ख़ामोश सी सब कुछ कह जाने को बेताब सी कभी इधर कभी उधर कुछ तलाशती

एक शख्स...

एक शख्स था अंधेरो में जलता हुआ खुद से डरा हुआ, ज़माने से लड़ा हुआ थका सा, कुछ घबराया सा

क्यूँ ख़ुद से ख़फा है तू

क्यूँ ख़ुद से लड़ रहा तू क्यूँ ख़ुद से डर रहा तू क्यूँ ख़ुद से ना कुछ कह सका क्यूँ ख़ुद से रहता है तू ख़फा

The Last Hug...!!

It's all coming back to me The nights, the days Those early morning fights

Leave Me

I want to forget you forever A thought of you also I don't want to have ever Get off me and set me free.

You and Me

Someone came in my dream last night Was it you Someone made me smile last night

वो लड़की...

एक घड़ी भी चैन ना लेती वो, पल भर भी चुप ना रहती वो कभी लड़ती है, तो  कभी रोती है